खतरनाक बीमारी स्पैस्टिसिटी को काबू में कर सकता है व्यायाम
ترجمه-هندی: اسپاستيسيتی Spasticity

मांसपेशियों में विकृति की समस्या स्पैस्टिसिटी कई बार इतनी बढ़ जाती है कि व्यक्ति अपने रोजमर्रा के काम करने में भी अक्षम हो जाता है लेकिन दूसरों पर निर्भर बना देने वाली यह समस्या नियमित व्यायाम से नियंत्रित की जा सकती है।
डॉक्टरों के मुताबिक मस्तिष्क आघात की वजह से होने वाली समस्या स्पैस्टिसिटी वास्तव में मांसपेशियों में विकृति की समस्या है जिसमें मांसपेशियां कड़ी हो जाती हैं और उन पर नियंत्रण की क्षमता भी क्षीण या खत्म हो जाती है। कई बार यह समस्या इतनी गंभीर हो जाती है कि व्यक्ति एक तरह से अक्षम हो जाता है।
यह समस्या केंद्रीय तंत्रिका तंत्र यानी मस्तिष्क और स्पाइनल कॉर्ड से मांसपेशियों को भेजे जाने वाले संकेतों के असंतुलन की वजह से होती है। जो लोग सेरिब्रल पाल्सी, मस्तिष्क में चोट, आघात, मल्टीपल स्क्लेरोसिस या स्पाइनल कॉर्ड में चोट से पीड़ित होते हैं, अकसर उन लोगों में ही केंद्रीय तंत्रिका तंत्र से मांसपेशियों को भेजे जाने वाले संकेतों में असंतुलन पाया जाता है।
मांसपेशियों के कड़े होने की वजह से दर्द भी होता है। लेकिन यह दर्द कितना तेज है यह स्पैस्टिसिटी के स्तर पर निर्भर करता है। खास कर पैरों की मांसपेशियों में स्पैस्टिीसिटी होने पर बहुत तेज दर्द होता है। इस बीमारी का इलाज भी इसके स्तर पर ही निर्भर करता है।
मस्तिष्क की कोशिकाओं को ऑक्सीजन तथा रक्त से अन्य पोषक तत्वों की आपूर्ति बहुत जरूरी है। यह काम रक्त वाहिनियां करती हैं। आघात की वजह से यह आपूर्ति बाधित हो जाती है। अगर नियमित व्यायाम किया जाए तो रक्त वाहिनियों की सक्रियता बरकरार रहती है और मस्तिष्क की कोशिकाओं को उनके लिए आवश्यक तत्वों एवं आक्सीजन की कमी नहीं हो पाती।
मस्तिष्क की कुछ कोशिकाएं अगर आघात के चलते आक्सीजन और पोषक तत्वों के अभाव में मर जाती हैं तो उस भाग का संबंधित मांसपेशियों और उनकी गतिविधियों पर से नियंत्रण खो जाता है। ये गतिविधियां चलने फिरने से ले कर बोलने तक कुछ भी हो सकती हैं।
नियमित व्यायाम भले ही लोगों को महत्वपूर्ण न महसूस हो लेकिन इसकी वजह से रक्त की आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखने में बहुत मदद मिलती है। कई बार जोड़ों के दर्द या उनमें कड़ापन महसूस होता है जिसका कारण अकसर थकान को माना जाता है। पर इसका कारण स्पैस्टिसिटी भी हो सकता है जिसकी वजह से कमर में दर्द होता है जो जोड़ों तक पहुंच जाता है।
स्पैस्टिसिटी के कारण मरीज के लिए चलना फिरना, हाव भाव जाहिर करना और संतुलन आदि में समस्या होने लगती है क्योंकि मस्तिष्क वांछित मांसपेशियों तक संकेत भेजने की अपनी क्षमता खो देता है। इससे शरीर के एक अंग या अधिक अंग या शरीर के एक तरफ के हिस्से की क्षमता पर असर पड़ता है। आघात के ज्यादातर मरीज स्पैस्टिसिटी की समस्या की गिरफ्त में नहीं आते लेकिन जो आते हैं उनके लिए अक्सर जीवन जीना दूभर हो जाता है। व्यायाम ऐसे मरीजों के लिए बहुत मददगार साबित हो सकता है।

Spasticity اسپاستيسيتی

اسپاستيسيتي نوعي سفتي عضلات است كه در بيماراني مثل آسيب نخاع، فلج مغزي،سکته مغزی ،مولتيپل اسكلروز (ام، اس) و ضربه مغزي ديده مي شود. البته علل ديگري باعث سفتي عضلات مي شوند و ممکن است با اسپاستيسيتی اشتباه شوند لذا تشخيص اسپاستيسيتي با پزشك است.
اسپاستيسيتي مي تواند باعث مشكلاتي براي بيمار شود. درمان آن به صورت داروئي، تزريق داروهائی مثل بوتولينيوم و يا استفاده از روشهاي غير داروئي است. در اينجا مختصري به روشهاي غير داروئي مي پردازيم.

مراقبت پرستاري
مراقبت پرستاري مناسب با كم كردن عوامل محرك درد يا عوامل محرك خارجي يكي از اولين اقدامات موثر است. درمان عوامل دردزا از بهترين اقدامات است. عواملي مثل عفونتهاي ادراري، زخم بستر، خشكي مفصلي، لباسهاي تنگ يا حلقه كشي لباس ، يبوست، تجمع ادرار در مثانه همگي باعث تشديد اسپاستيسيتي مي شوند و در درمان آنها باعث كاهش اسپاستيسيتي مي گردد. گفته مي شود اگر وضعيت بيمار در ابتداي آسيب نخاع مناسب باشد، در طولاني مدت شدت اسپاستيسيتي كمتري خواهد داشت.

حركت مفاصل
در بيماران مبتلا به اسپاستيسيتي بايد روزانه مفاصل را حركت داده و عضلات به ملايمت كشيده شوند. اين كار هم باعث كاهش اسپاستيسيتي مي گردد و هم از خشك شدن مفصل جلوگيري مي كند. بايد توجه داشت كه خشكي مختصر مفصل مي تواند باعث ناتواني بيمار شود. خشكي مفصل مي تواند مرز بين راه رفتن و راه نرفتن باشد. مثلا خم شدن مفصل زانو به ميزان بيش از بيست درجه راه رفتن فرد را مختل ميكند اما با انجام حركات مفصل و كشش عضلات بطور روزانه ميتوان از اين مسئله پيشگيري كرد. متاسفانه مواردي كه بعلت توانبخشي نا كافي دچار ناتواني مي شوند در جامعه ما فراوان ديده ميشود.

كشش
شايد بتوان گفت اساسي ترين كار در بيماران مبتلا به اسپاستيسيتي كشش عضلات است. اما كشش عضلات نياز به مهارت دارد و بايد توسط فرد مجرب مثل فيزيوتراپ يا كاردرمان با تجربه انجام و آموزش داده شود. از خطرات كشش عضلات توسط افراد بي تجربه مي توان به آسيب و درد مفصل و حتي شكستگي استخوان اشاره كرد. مثلآ در فرد مبتلا به آسيب نخاع اندك فشار مي تواند باعث شكستگي استخوان بعلت پوكي شديد استخوان توسط فرد غير مجرب شود. حتي در مواردي مثل بهم خوردن شكل مفصلي در اثر كشش نامناسب سطح مفصل دچار آسيب مي شود.گاهي لازم است همزمان يا قبل از شروع كشش از ارتوز مناسب استفاده نمود.كششها و حركات از حركات ساده شروع شده مي توانند بصورت يا همراه باروشهای پيشرفته تري مثل تكنيكهاي"بوبت" يا "پي ان اف" كه عمدتآ توسط كارشناسان كاردرماني انجام مي گيرد به بيمار كمك كنند.

استفاده از سرما درماني
استفاده از سرما مي تواند باعث كاهش اسپاستيسيتي و حالت رفلكسي عضله شود همچنين باعث بهبود حركت مفصل و حتي افزايش قدرت عضله گردد. معمولآ از سرما قبل از كشش استفاده مي شود به اين شكل كه يخ را كوبيده داخل پلاستيك قرار داده و پلاستيك را لاي حوله پيچيده آنرا روي اندام مبتلا مي گذارند. استفاده از يخ مي تواند خود باعث مشكلاتي شود و حتمآ تحت نظر فرد مجرب استفاده شود. بعنوان مثال قرار دادن كيسه يخ روي اعصاب محيطي باعث آسيب عصبي مي گردد.

ارتوز مناسب
ارتوزها وسايلی ميباشند که برای موارد مختلفی مثل کمک به حرکت يا پيشگيری از بدشکلی مفاصل تجويز ميشوند. ارتوزهای متعددی برای درمان اسپاستيسيتی ساخته شده و با تجويز پزشک قابل استفاده است.

تزریق بوتوکس در اسپاستیستی توسط متخصصین طب فیزیکی و با کمک نوار عصب و عضله انجام می شود.
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